नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.
गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और check here नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।